जनवरी का महीना शुरू होते ही उत्तर भारत के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में तापमान कई जगह 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। ऐसे मौसम में सुबह-सुबह स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन और अभिभावक दोनों ही चिंतित हैं। इसी वजह से 17 से 23 जनवरी तक स्कूल बंद रहने की खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
वायरल खबरों से क्यों फैला भ्रम
इन दिनों अभिभावकों और छात्रों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वाकई पूरे देश में 17 से 23 जनवरी तक स्कूल बंद रहेंगे। सच्चाई यह है कि ऐसा कोई एक राष्ट्रीय आदेश जारी नहीं किया गया है। अलग-अलग राज्यों और जिलों में मौसम की स्थिति, स्थानीय त्योहारों और विशेष आयोजनों को देखते हुए अलग-अलग फैसले लिए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई बार पुरानी खबरों को नई तारीखों के साथ साझा कर दिया जाता है, जिससे भ्रम की स्थिति बन जाती है।
ठंड और त्योहारों का असर
जनवरी के तीसरे हफ्ते में मकर संक्रांति, पोंगल और बसंत पंचमी जैसे बड़े त्योहार पड़ते हैं। इसके साथ ही कई जगह शनिवार और रविवार की छुट्टियां भी जुड़ जाती हैं। इसी कारण छात्रों को कुछ क्षेत्रों में लंबा अवकाश मिलता दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले के कारण 20 जनवरी तक स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं, ताकि भारी भीड़ और यातायात को संभाला जा सके।
उत्तर प्रदेश और दिल्ली की स्थिति
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद कई जिलों में स्थानीय प्रशासन ने ठंड को देखते हुए छुट्टियां बढ़ाई हैं। लखनऊ, कानपुर और नोएडा जैसे शहरों में प्राथमिक कक्षाओं के लिए अवकाश या स्कूल समय में बदलाव किया गया है। प्रयागराज में विशेष परिस्थितियों के कारण 16 से 20 जनवरी तक स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।
दिल्ली में शीतकालीन अवकाश पहले से तय कैलेंडर के अनुसार 15 जनवरी तक था। हालांकि, मौसम को देखते हुए शिक्षा निदेशालय समय-समय पर एडवाइजरी जारी करता रहता है। जरूरत पड़ने पर छुट्टियां बढ़ाने या स्कूल समय बदलने का फैसला लिया जा सकता है।
हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्य
हरियाणा और पंजाब में भी शीतलहर को देखते हुए कुछ जिलों में 17 जनवरी तक छुट्टियों की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, ये फैसले पूरे राज्य के लिए नहीं बल्कि जिला स्तर पर लागू हैं। कॉलेज और विश्वविद्यालयों में आमतौर पर पूर्ण अवकाश कम दिया जाता है, लेकिन ठंड ज्यादा होने पर कक्षाओं के समय में बदलाव किया जा सकता है।
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निष्कर्ष और सलाह
कुल मिलाकर यह साफ है कि 17 से 23 जनवरी तक पूरे देश में स्कूल बंद रखने का कोई सामूहिक आदेश नहीं है। जहां तापमान बहुत कम है या कोई बड़ा आयोजन है, वहीं स्थानीय प्रशासन छुट्टियां घोषित कर रहा है। अभिभावकों को चाहिए कि वे केवल अपने जिले या स्कूल से जुड़े आधिकारिक नोटिस पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया की अफवाहों से बचें।
डिस्क्लेमर
यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स और सामान्य जानकारी पर आधारित है। भारत सरकार या किसी भी राज्य सरकार ने पूरे देश के लिए 17 से 23 जनवरी तक स्कूल बंद रखने का कोई एक साथ आदेश जारी नहीं किया है। छुट्टियों से संबंधित अंतिम निर्णय स्थानीय प्रशासन और स्कूल प्रबंधन द्वारा लिया जाता है। कृपया किसी भी जानकारी की पुष्टि अपने स्कूल या जिला शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या नोटिस से अवश्य करें।







