भारत में घरेलू रसोई गैस यानी 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें आज सुबह आधिकारिक रूप से जारी कर दी गई हैं। एलपीजी हर घर की बुनियादी जरूरत है, इसलिए इसके दामों में होने वाला छोटा सा बदलाव भी सीधे आम परिवार के मासिक बजट को प्रभावित करता है। खासतौर पर मध्यम और निम्न आय वर्ग के लिए गैस की कीमतें बहुत मायने रखती हैं।
एलपीजी की कीमतें कैसे तय होती हैं
भारत में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा तय की जाती हैं, जिनमें Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum शामिल हैं। ये कंपनियां आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को कीमतों की समीक्षा करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी के भाव, साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, इन कीमतों को तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
प्रमुख शहरों में आज के ताजा रेट
आज जारी दरों के अनुसार, देश के बड़े महानगरों में 14.2 केजी घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में एक सिलेंडर की कीमत करीब 853 रुपये है, जबकि मुंबई में यह लगभग 852.50 रुपये है। कोलकाता में दरें थोड़ी अधिक होकर लगभग 880 रुपये तक पहुंचती हैं और चेन्नई में यह करीब 868.50 रुपये के आसपास है। परिवहन खर्च और स्थानीय टैक्स के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है।
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राज्यों के हिसाब से क्यों बदलती हैं कीमतें
देश के पूर्वोत्तर राज्यों और पहाड़ी इलाकों में गैस सिलेंडर की कीमतें राष्ट्रीय औसत से ज्यादा रहती हैं। इसका मुख्य कारण वहां तक सिलेंडर पहुंचाने में लगने वाली ज्यादा ढुलाई लागत और स्थानीय कर हैं। कुछ राज्यों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें 1000 रुपये से भी ऊपर देखी जाती हैं, जबकि बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में भी दाम अपेक्षाकृत ज्यादा रहते हैं।
सब्सिडी से मिलती है राहत
सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को सब्सिडी के जरिए राहत देती है। सिलेंडर खरीदने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। उज्ज्वला योजना के तहत पंजीकृत परिवारों को अतिरिक्त लाभ भी मिल सकता है। हालांकि, कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के कारण सब्सिडी शून्य भी हो सकती है।
आगे क्या रह सकती है स्थिति
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में भी एलपीजी की कीमतें वैश्विक बाजार और रुपये की स्थिति पर निर्भर रहेंगी। सरकार जरूरत पड़ने पर सब्सिडी बढ़ाकर उपभोक्ताओं पर बोझ कम करने की कोशिश कर सकती है। फिलहाल कीमतें स्थिर हैं, लेकिन हल्का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
निष्कर्ष
14.2 केजी गैस सिलेंडर हर भारतीय रसोई की जरूरत है। आज जारी नई कीमतों से साफ है कि फिलहाल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत या झटका नहीं मिला है। बेहतर होगा कि उपभोक्ता नियमित रूप से गैस की कीमतें जांचते रहें और अपने बैंक खाते व आधार की जानकारी सही रखें, ताकि सब्सिडी का लाभ समय पर मिल सके।
डिस्क्लेमर
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतें शहर, राज्य और समय के अनुसार बदल सकती हैं। सटीक और नवीनतम जानकारी के लिए संबंधित गैस एजेंसी या आधिकारिक तेल कंपनियों की वेबसाइट अवश्य देखें।







