भारत में नौकरी, पढ़ाई और बेहतर जीवन की तलाश में लोग एक शहर से दूसरे शहर जाते हैं। ऐसे में किराए का मकान सबसे आसान विकल्प बनता है। लेकिन लंबे समय से किराया बढ़ाने, सिक्योरिटी डिपॉजिट और मकान खाली कराने को लेकर विवाद होते रहे हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए Government of India ने 2026 से किराए से जुड़े नए नियम लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है, जो मकान मालिक और किराएदार दोनों के लिए अहम हैं।
मॉडल किराएदारी अधिनियम पर आधारित नियम
नए नियम Model Tenancy Act के सिद्धांतों पर आधारित हैं। इसका उद्देश्य किराए की पूरी प्रक्रिया को लिखित, पारदर्शी और कानूनी बनाना है। अब किराया केवल आपसी भरोसे पर नहीं, बल्कि तय नियमों के अनुसार होगा, जिससे गलतफहमी और विवाद कम होंगे।
लिखित और पंजीकृत समझौता अनिवार्य
अब मकान किराए पर देने से पहले लिखित रेंट एग्रीमेंट जरूरी होगा। इसमें मकान मालिक और किराएदार की जानकारी, किराया, भुगतान की तारीख, अवधि और अन्य शर्तें साफ तौर पर लिखी जाएंगी। इस समझौते को पंजीकृत कराना भी जरूरी होगा, ताकि भविष्य में किसी विवाद की स्थिति में यह कानूनी सबूत बन सके।
सिक्योरिटी डिपॉजिट पर सीमा
नए नियमों के तहत मकान मालिक मनमानी सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं ले सकेगा। अब यह राशि अधिकतम दो महीने के किराए के बराबर ही होगी। मकान खाली करने पर तय समय में यह रकम लौटानी होगी। अगर कोई नुकसान हुआ है तो उसका खर्च काटकर बाकी पैसा देना होगा। इससे किराएदारों को बड़ी राहत मिलेगी।
किराया बढ़ाने पर नियंत्रण
अब किराया तभी बढ़ाया जा सकेगा, जब इसकी शर्त पहले से एग्रीमेंट में लिखी हो। बिना सूचना या अचानक किराया बढ़ाना संभव नहीं होगा। आमतौर पर साल में एक बार और तय प्रतिशत के अनुसार ही किराया बढ़ेगा, जिससे किराएदार पर अचानक आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
मकान खाली कराने के नए नियम
मकान मालिक बिना ठोस कारण के किराएदार को घर खाली करने के लिए मजबूर नहीं कर सकेगा। किराया न देना, संपत्ति को नुकसान पहुंचाना या नियमों का उल्लंघन जैसे कारण होने पर ही ऐसा किया जा सकेगा। इसके लिए भी पहले नोटिस देना जरूरी होगा, ताकि दोनों पक्षों को तैयारी का समय मिल सके।
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विवाद निपटारे के लिए अलग व्यवस्था
किराए से जुड़े मामलों के लिए अलग किराया न्यायाधिकरण बनाने का प्रावधान है। इससे मामलों का निपटारा जल्दी होगा और लोगों को लंबे समय तक अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
निष्कर्ष
Home Rent Rules 2026 से किराए की व्यवस्था ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनेगी। इससे न केवल किराएदारों के अधिकार सुरक्षित होंगे, बल्कि मकान मालिकों को भी समय पर किराया और कानूनी संरक्षण मिलेगा।
Disclaimer:
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है और विभिन्न रिपोर्ट्स व प्रस्तावित नियमों पर आधारित है। किराए से जुड़े नियम राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। किसी भी अंतिम निर्णय से पहले अपने राज्य के लागू कानूनों, स्थानीय प्राधिकरण या कानूनी सलाहकार से जानकारी अवश्य प्राप्त करें।







